अश्लील फिल्मों की शूटिंग करते वक्त कैमरामैन किस तरह अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रख पाते हैं?

जो लोग सेक्स-पॉजिटिव हैं और सेक्स का भरपूर आनंद ले रहें है, उन लोगों के लिए जिनके लिए सेक्स जीवन का एक हिस्सा हैं, कोई हताशा या भूख नहीं हैं, ऐसे आदमी को खुद को नियंत्रित रखने में कोई समस्या नहीं होती है!


 

इसके अलावा एक पोर्न सेट वास्तव में उतना सेक्सी नहीं होता है जितना आपको लगता है! आप एक तैयार एडिट किया हुआ वीडियो देख रहे होते हैं। आप सभी टेक, हॉट लाइट्स, मेकअप के लिए ब्रेक, रीटेक वगैरह नहीं देख रहे होते हैं! पोर्न सेट का माहौल भी अन्य फिल्मों के सेट की तरह ही काफी 'प्रोफेशनल' होता हैं, वहाँ भी नायक, नायिका के अलावा अन्य स्टॉफ मौजूद रहता हैं! हालात ऐसे भी हो जाते है कि उत्तेजना बनाए रखने के लिए नायक को वियाग्रा आदि का सेवन करना पड़ जाता हैं!

कई कैमरामैन के लिए, यह बस एक नौकरी है! न कुछ ज्यादा, न कुछ कम! उनको अपना काम सर्वश्रेष्ठ तरीके से करना होता हैं जिसके उन्हें पैसे मिलते हैं और भविष्य मे बेहतर काम भी! उनका पूरा ध्यान पोर्न कलाकारों की हर एक गतिविधि को कैमरा मे कैद कर लेने की ओर होता हैं, इस बीच उनका ध्यान बँटा हुआ रहता हैं! भावनाओं को जाग्रत होने का अवसर ही नहीं मिल पाता!


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